Grajia Davi
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उत्तराखण्ड के सुंदर खाल गाँव में स्थित है गर्जिया देवी मन्दिर जो माता पार्वती के प्रमुख मंदिरों में से एक है. यह मंदिर श्रद्धा एवं विश्वास का अदभूत उदाहरण है. उत्तराखण्ड का यह प्रसिद्ध मंदिर रामनगर से कुछ ही दूरी पर स्थित है. मंदिर छोटी पहाड़ी के ऊपर बना हुआ है यहां का खूबसूरत वातावरण शांति एवं रमणीयता का एहसास दिलाता है.
गर्जिया मंदिर कथा
उत्तराखण्ड का यह देवी मंदिर अपनी आस्था के लिए बहुत प्रसिद्ध है. मंदिर के सामने से ही पवित्र कोसी नदी के दर्शन होते हैं. मंदिर में मां के दर्शनों को जाने वाले भक्त मां पर नारियल, सिंदूर, धूप, दीप, लाल चुनरी आदि चढ़ावे के रूप में चढ़ाते हैं. पर्वत राज अर्थात गिरिराज हिमालय की पुत्री होने के कारण ही मां पार्वती को यहां पर गर्जिया के नाम से जाना जाता है. कहते हैं कि यह स्थान पर बहुत समय पहले घने जंगलों से युक्त था. परंतु एक बार यहां के कुछ लोगों ने पहाड़ पर माता की मूर्तियों को देखा.
गर्जिया मंदिर तीर्थ स्थल पर भक्तों की पूर्ण आस्था है. यहां आए भक्त माँ की महिमा का बखान करते नही थकते. मान्यता है कि मां गिर्जिया श्रद्धालुओं की सच्ची श्रद्धा भक्ति से प्रसन्न हो उनकी सभी मनोकामनाओं को पूरा करती हैं और मनोकामना के पूर्ण होने पर भक्त लोग यहां मंदिर में छतरी या घंटी चढ़ाते हैं.
गर्जिया देवी मंदिर उत्सव
गर्जिया देवी मंदिर में अनेक उत्सवों का आयोजन किया जाता है. यहां पर वर्षभर मां गिर्जिया देवी जी की पूजा हेतु भक्ततों कि भारी भीड़ देखी जा सकती है. सभी श्रद्धालु लोग यहां पर माता के दर्शनों एवं आशीर्वाद पाने की कामना से आते रहते हैं. मंदिर में वसंत पंचमी के उपल्क्ष पर भक्तों का तांता लगा रहता है इस अवसर पर मंदिर में विशेष पूजा अर्चना की जाती है तथा भंडारे का इंतज़ाम भी होता है.
इस के अतिरिक्त शिवरात्री के पावन पर्व पर लोग दूर-दूर से माता गिर्जिया के दर्शनों हेतु आते हैं. कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर गंगा स्नान का आयोजन होता है इस अवसर पर भारी संख्या में श्रद्धालु गण कोसी नदी में स्नान करते हैं. उत्तरायण, नवरात्र एवं गंगा दशहरे के अवसर पर मंदिर में उत्सव सा माहौल रहता है. मंदिर में देश भर से आने वाले भक्तों की भीड़ उमड़ती है.
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